सिर्फ प्रभु/महापिता हैं। और कुछ नहीं। और कोई नहीं

चांदी का रथ

प्रधान मंदिर के मुख्य द्वार के विपरीत दिशा में आप शटर वाले वास्तु ग्रहं को देख सकते हैं .वहां पर एक चांदी का रथ रखा गया है जो एक भक्त ने जून 2004 में समाधि के कुम्भअभिषेक के समय दान किया था.त्यौहार के दिनों में जब भक्त इस सेवा में अपना योगदान देते हैं, भगवान् के उत्सवर को नादस्वरम और गुरु नाम के साथ रथ को आश्रम के परिक्रमा पथ पे चलाया जाता है .