सिर्फ प्रभु/महापिता हैं। और कुछ नहीं। और कोई नहीं

दिव्या कुटीर

प्रधान मंदिर के समापन के समय गुरुजी के आदेश पर एक कुटीर बनाई गई थी, गुरुजी इस कुटीर में बैठते थे और कभी कभी वहां आराम भी करते थे भक्तजन इसी कुटीर में गुरुजी के दर्शन करते थे, और गुरुजी के कथन अनुसार इस कुटीर को स्थायी रूप से फूस बदलकर हमेशा विद्यमान राखी गयी है अब इस कुटीर में गुरु महाराज की फाइबर / मोम से बनी मूर्ति स्थापित है.