सिर्फ प्रभु/महापिता हैं। और कुछ नहीं। और कोई नहीं

वेदपाठशाला आश्रम का मुख्य स्थान है.

इस पाठशाला में वेद अनुसंधान विद्वानों को शामिल करने का प्रस्ताव है.

वर्तमान में इस पाठशाला में एक हरे रंग की संगमरमर की प्रतिमा रखी गई है यह प्रतिमा इतालवी मूर्तिकार द्वारा इटली में बनाई गई थी, उन्होंने स्वामीजी को कभी देखा नहीं था

उन्होंने भगवान् की तस्वीर देखने के बाद उस प्रतिमा को बनाया.

शोध छात्रों के लाभ के लिए वेद की पुस्तकों के बहुत से पुस्तकालय हैं

भक्तजन सुबह 9 बजे से 10 बजे और शाम 7 बजे से 6 बजे के बीच प्रतिमा को देख सकते हैं शोध छात्रों के लाभ के लिए वेद की पुस्तकों के बहुत से पुस्तकालय हैं एशियाई संस्कृति के लिए योगी राम सूरत कुमार रिसर्च फाउंडेशन का गठन किया गया और विभिन्न भारतीय संस्कृति पर रामायण, संस्कृत के प्रभाव पर सेमिनार आयोजित किया गया, भारत के जीवन मुक्ता संत और अन्य कई विषयों का आयोजन किया गया गुरु महाराज के अनुसार वेदों का ना होना इस संसार के विनाश के बराबर है कांची महास्वामी द्वारा संरक्षित वेदों को सुरक्षित रूप से महास्वामी का आभार मानते हुए उनको भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना होगा श्री चन्द्र शेखरेंद्र सरस्वती विश्व महा विद्यालय (विश्वविद्यालय) और एशियाई संस्कृति के लिए योगी राम सूरत कुमार रिसर्च फाउंडेशन ने संयोजित रूप से वेदों और वैदिक ऋषियों से संबंधित विषयों पर अनुसंधान किया है.