सिर्फ प्रभु/महापिता हैं। और कुछ नहीं। और कोई नहीं

सुधामा ग्रह

देखें समय: 09:00-12:00 , 16:00-7:00

योगी राम सूरत कुमार सोमवार 22 नवम्बर 1993 से शनिवार 24 जून 2000 तक यहाँ (सुदामा) में रहे, और अपने महापिता के ब्रह्माण्डीय कार्यों के साथ स्थान पवित्र किया।.

योगीजी का स्वास्थ्य 1993 के अंत में ठीक नहीं था। देवकी अम्मा ने उन्हें आश्रम स्थल के निकट 'सुदामा घर' में रहने के लिए बिनती की, ताकि वो और अन्य बहनें (मित्र) उनके स्वास्थ्य की देखभाल कर सकें। वो सहमत हो गए। शायद आश्रम स्थल की निकटता उनके दिव्य विधान के लिए सबसे उपयुक्त थी।.

सुदामा घर जन दर्शन के लिए शुक्रवार 20 फरवरी को 2009 से खोला गया